Surya Vrat
रविवार का दिन सूर्य देव की पूजा स्तुति को समर्पित है. अगर आपके मन में कई सारी इच्छाएं और मनोकामनाएं है तो आप रविवार का व्रत कर सकते हैं. सूर्य देव का व्रत सबसे श्रेष्ठ माना जाता है क्योंकि यह व्रत सुख और शांति देता है. सूर्य पूजा में करें इन नियमों का पालन – […]
रविवार का दिन सूर्य देव की पूजा स्तुति को समर्पित है. अगर आपके मन में कई सारी इच्छाएं और मनोकामनाएं है तो आप रविवार का व्रत कर सकते हैं. सूर्य देव का व्रत सबसे श्रेष्ठ माना जाता है क्योंकि यह व्रत सुख और शांति देता है. सूर्य पूजा में करें इन नियमों का पालन – […]
Surya Vrat
रविवार का दिन सूर्य देव की पूजा स्तुति को समर्पित है. अगर आपके मन में कई सारी इच्छाएं और मनोकामनाएं है तो आप रविवार का व्रत कर सकते हैं. सूर्य देव का व्रत सबसे श्रेष्ठ माना जाता है क्योंकि यह व्रत सुख और शांति देता है. सूर्य पूजा में करें इन नियमों का पालन – […]
रविवार का दिन सूर्य देव की पूजा स्तुति को समर्पित है. अगर आपके मन में कई सारी इच्छाएं और मनोकामनाएं है तो आप रविवार का व्रत कर सकते हैं. सूर्य देव का व्रत सबसे श्रेष्ठ माना जाता है क्योंकि यह व्रत सुख और शांति देता है. सूर्य पूजा में करें इन नियमों का पालन – […]
Swarana Dwadeshi Vrat
भगवान श्रीहरि विष्णु अत्यंत दयालु हैं। वे ही नारायण, वासुदेव, शिव, कृष्ण, परमात्मा, ईश्वर, शाश्वत, हिरण्यगर्भ, अच्युत आदि अनेक नामों से पुकारे जाते हैं। उनकी शरण में जाने पर मनुष्य का परम कल्याण हो जाता है। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को वामन द्वादशी या वामन जयंती के रूप में मनाया जाता […]
भगवान श्रीहरि विष्णु अत्यंत दयालु हैं। वे ही नारायण, वासुदेव, शिव, कृष्ण, परमात्मा, ईश्वर, शाश्वत, हिरण्यगर्भ, अच्युत आदि अनेक नामों से पुकारे जाते हैं। उनकी शरण में जाने पर मनुष्य का परम कल्याण हो जाता है। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को वामन द्वादशी या वामन जयंती के रूप में मनाया जाता […]
Swarana Dwadeshi Vrat
भगवान श्रीहरि विष्णु अत्यंत दयालु हैं। वे ही नारायण, वासुदेव, शिव, कृष्ण, परमात्मा, ईश्वर, शाश्वत, हिरण्यगर्भ, अच्युत आदि अनेक नामों से पुकारे जाते हैं। उनकी शरण में जाने पर मनुष्य का परम कल्याण हो जाता है। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को वामन द्वादशी या वामन जयंती के रूप में मनाया जाता […]
भगवान श्रीहरि विष्णु अत्यंत दयालु हैं। वे ही नारायण, वासुदेव, शिव, कृष्ण, परमात्मा, ईश्वर, शाश्वत, हिरण्यगर्भ, अच्युत आदि अनेक नामों से पुकारे जाते हैं। उनकी शरण में जाने पर मनुष्य का परम कल्याण हो जाता है। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को वामन द्वादशी या वामन जयंती के रूप में मनाया जाता […]
Upang Lalita Vrat
Lalita Saptami is celebrated in honour of Sri Lalita Devi. It is the appearance day of Lalita Devi who was the close friend of Radha Devi. Lalita Saptami falls on the Seventh day of the Shukla Paksha, in Bhadrapad month. Lalita Devi was one of the most devoted gopi towards Radha. It is a very […]
Lalita Saptami is celebrated in honour of Sri Lalita Devi. It is the appearance day of Lalita Devi who was the close friend of Radha Devi. Lalita Saptami falls on the Seventh day of the Shukla Paksha, in Bhadrapad month. Lalita Devi was one of the most devoted gopi towards Radha. It is a very […]
Upang Lalita Vrat
Lalita Saptami is celebrated in honour of Sri Lalita Devi. It is the appearance day of Lalita Devi who was the close friend of Radha Devi. Lalita Saptami falls on the Seventh day of the Shukla Paksha, in Bhadrapad month. Lalita Devi was one of the most devoted gopi towards Radha. It is a very […]
Lalita Saptami is celebrated in honour of Sri Lalita Devi. It is the appearance day of Lalita Devi who was the close friend of Radha Devi. Lalita Saptami falls on the Seventh day of the Shukla Paksha, in Bhadrapad month. Lalita Devi was one of the most devoted gopi towards Radha. It is a very […]
Upnayan / Yagopaveet
जातक की शिक्षा दीक्षा आरंभ करवाने के लिये जो संस्कार किया जाता है उसे उपनयन संस्कार कहा जाता है। चूंकि शिक्षा मनुष्य के जीवन में निरंतर चलने वाली एक प्रक्रिया है जिससे शिक्षार्थी का सर्वांगीण विकास होता है। आरंभ में जातक को जब इस लायक समझा जाता कि अब वह गुरूओं से ज्ञान अर्जित करने […]
जातक की शिक्षा दीक्षा आरंभ करवाने के लिये जो संस्कार किया जाता है उसे उपनयन संस्कार कहा जाता है। चूंकि शिक्षा मनुष्य के जीवन में निरंतर चलने वाली एक प्रक्रिया है जिससे शिक्षार्थी का सर्वांगीण विकास होता है। आरंभ में जातक को जब इस लायक समझा जाता कि अब वह गुरूओं से ज्ञान अर्जित करने […]





