Puja

Showing 280–288 of 308 results

    Tulsi Patta

    As an illustrious corporation of the industry, we are eagerly immersed in presenting a broad gamut of Natural Tulsi Leaves to our patrons.

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    Upang Lalita Vrat

    Lalita Saptami is celebrated in honour of Sri Lalita Devi. It is the appearance day of Lalita Devi who was the close friend of Radha Devi. Lalita Saptami falls on the Seventh day of the Shukla Paksha, in Bhadrapad month. Lalita Devi was one of the most devoted gopi towards Radha. It is a very […]

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    Lalita Saptami is celebrated in honour of Sri Lalita Devi. It is the appearance day of Lalita Devi who was the close friend of Radha Devi. Lalita Saptami falls on the Seventh day of the Shukla Paksha, in Bhadrapad month. Lalita Devi was one of the most devoted gopi towards Radha. It is a very […]

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    Lalita Saptami is celebrated in honour of Sri Lalita Devi. It is the appearance day of Lalita Devi who was the close friend of Radha Devi. Lalita Saptami falls on the Seventh day of the Shukla Paksha, in Bhadrapad month. Lalita Devi was one of the most devoted gopi towards Radha. It is a very […]

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    Upnayan / Yagopaveet

    जातक की शिक्षा दीक्षा आरंभ करवाने के लिये जो संस्कार किया जाता है उसे उपनयन संस्कार कहा जाता है। चूंकि शिक्षा मनुष्य के जीवन में निरंतर चलने वाली एक प्रक्रिया है जिससे शिक्षार्थी का सर्वांगीण विकास होता है। आरंभ में जातक को जब इस लायक समझा जाता कि अब वह गुरूओं से ज्ञान अर्जित करने […]

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    जातक की शिक्षा दीक्षा आरंभ करवाने के लिये जो संस्कार किया जाता है उसे उपनयन संस्कार कहा जाता है। चूंकि शिक्षा मनुष्य के जीवन में निरंतर चलने वाली एक प्रक्रिया है जिससे शिक्षार्थी का सर्वांगीण विकास होता है। आरंभ में जातक को जब इस लायक समझा जाता कि अब वह गुरूओं से ज्ञान अर्जित करने […]

    Upnayan / Yagopaveet

    जातक की शिक्षा दीक्षा आरंभ करवाने के लिये जो संस्कार किया जाता है उसे उपनयन संस्कार कहा जाता है। चूंकि शिक्षा मनुष्य के जीवन में निरंतर चलने वाली एक प्रक्रिया है जिससे शिक्षार्थी का सर्वांगीण विकास होता है। आरंभ में जातक को जब इस लायक समझा जाता कि अब वह गुरूओं से ज्ञान अर्जित करने […]

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    जातक की शिक्षा दीक्षा आरंभ करवाने के लिये जो संस्कार किया जाता है उसे उपनयन संस्कार कहा जाता है। चूंकि शिक्षा मनुष्य के जीवन में निरंतर चलने वाली एक प्रक्रिया है जिससे शिक्षार्थी का सर्वांगीण विकास होता है। आरंभ में जातक को जब इस लायक समझा जाता कि अब वह गुरूओं से ज्ञान अर्जित करने […]

    Uttpanna Ekadashi

    पद्मपुराणमें धर्मराज युधिष्ठिर के द्वारा भगवान श्रीकृष्ण से पुण्यमयीएकादशी तिथि की उत्पत्ति के विषय पर पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि सत्ययुग में मुर नामक भयंकर दानव ने देवराज इन्द्र को पराजित करके जब स्वर्ग पर अपना आधिपत्य जमा लिया, तब सब देवता महादेव जी के पास पहुंचे। महादेवजीदेवगणोंको साथ लेकर क्षीरसागरगए। वहां शेषनाग की […]

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    पद्मपुराणमें धर्मराज युधिष्ठिर के द्वारा भगवान श्रीकृष्ण से पुण्यमयीएकादशी तिथि की उत्पत्ति के विषय पर पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि सत्ययुग में मुर नामक भयंकर दानव ने देवराज इन्द्र को पराजित करके जब स्वर्ग पर अपना आधिपत्य जमा लिया, तब सब देवता महादेव जी के पास पहुंचे। महादेवजीदेवगणोंको साथ लेकर क्षीरसागरगए। वहां शेषनाग की […]

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    पद्मपुराणमें धर्मराज युधिष्ठिर के द्वारा भगवान श्रीकृष्ण से पुण्यमयीएकादशी तिथि की उत्पत्ति के विषय पर पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि सत्ययुग में मुर नामक भयंकर दानव ने देवराज इन्द्र को पराजित करके जब स्वर्ग पर अपना आधिपत्य जमा लिया, तब सब देवता महादेव जी के पास पहुंचे। महादेवजीदेवगणोंको साथ लेकर क्षीरसागरगए। वहां शेषनाग की […]

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    पद्मपुराणमें धर्मराज युधिष्ठिर के द्वारा भगवान श्रीकृष्ण से पुण्यमयीएकादशी तिथि की उत्पत्ति के विषय पर पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि सत्ययुग में मुर नामक भयंकर दानव ने देवराज इन्द्र को पराजित करके जब स्वर्ग पर अपना आधिपत्य जमा लिया, तब सब देवता महादेव जी के पास पहुंचे। महादेवजीदेवगणोंको साथ लेकर क्षीरसागरगए। वहां शेषनाग की […]

    Varvarana / Kanyavarana

    हिन्दू धर्म में; सद्गृहस्थ की, परिवार निर्माण की जिम्मेदारी उठाने के योग्य शारीरिक, मानसिक परिपक्वता आ जाने पर युवक-युवतियों का विवाह संस्कार कराया जाता है। समाज के सम्भ्रान्त व्यक्तियों की, गुरुजनों की, कुटुम्बी-सम्बन्धियों की, देवताओं की उपस्थिति इसीलिए इस धर्मानुष्ठान के अवसर पर आवश्यक मानी जाती है कि दोनों में से कोई इस कत्तर्व्य-बन्धन की […]

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    हिन्दू धर्म में; सद्गृहस्थ की, परिवार निर्माण की जिम्मेदारी उठाने के योग्य शारीरिक, मानसिक परिपक्वता आ जाने पर युवक-युवतियों का विवाह संस्कार कराया जाता है। समाज के सम्भ्रान्त व्यक्तियों की, गुरुजनों की, कुटुम्बी-सम्बन्धियों की, देवताओं की उपस्थिति इसीलिए इस धर्मानुष्ठान के अवसर पर आवश्यक मानी जाती है कि दोनों में से कोई इस कत्तर्व्य-बन्धन की […]

    Varvarana / Kanyavarana

    हिन्दू धर्म में; सद्गृहस्थ की, परिवार निर्माण की जिम्मेदारी उठाने के योग्य शारीरिक, मानसिक परिपक्वता आ जाने पर युवक-युवतियों का विवाह संस्कार कराया जाता है। समाज के सम्भ्रान्त व्यक्तियों की, गुरुजनों की, कुटुम्बी-सम्बन्धियों की, देवताओं की उपस्थिति इसीलिए इस धर्मानुष्ठान के अवसर पर आवश्यक मानी जाती है कि दोनों में से कोई इस कत्तर्व्य-बन्धन की […]

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