Vrat & Tyohaar

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    Karwachauth Vrat

    यह है करवा चौथ के व्रत और पूजन की उत्तम विधि, इस प्रकार व्रत करने से आपको व्रत का 100 गुना फल मिलेगा। * सूर्योदय से पहले स्नान करके व्रत रखने का संकल्प लें। * फिर मिठाई, फल, सेंवई और पूड़ी की सरगी ग्रहण कर व्रत शुरू करें। * संपूर्ण शिव परिवार और श्रीकृष्ण की […]

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    यह है करवा चौथ के व्रत और पूजन की उत्तम विधि, इस प्रकार व्रत करने से आपको व्रत का 100 गुना फल मिलेगा। * सूर्योदय से पहले स्नान करके व्रत रखने का संकल्प लें। * फिर मिठाई, फल, सेंवई और पूड़ी की सरगी ग्रहण कर व्रत शुरू करें। * संपूर्ण शिव परिवार और श्रीकृष्ण की […]

    Kojagar Vrat

    नारद पुराण के अनुसार आश्विन मास की पूर्णिमा को प्रातः स्नान कर उपवास रखना चाहिए। इस दिन तांबे या सोने से बनी लक्ष्मी प्रतिमा को कपड़े से ढंक कर विभिन्न विधियों द्वारा देवी लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए। इसके पश्चात रात्रि को चंद्र उदय होने पर घी के सौ दीपक जलाने चाहिए। घी से बनी […]

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    नारद पुराण के अनुसार आश्विन मास की पूर्णिमा को प्रातः स्नान कर उपवास रखना चाहिए। इस दिन तांबे या सोने से बनी लक्ष्मी प्रतिमा को कपड़े से ढंक कर विभिन्न विधियों द्वारा देवी लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए। इसके पश्चात रात्रि को चंद्र उदय होने पर घी के सौ दीपक जलाने चाहिए। घी से बनी […]

    Kokila Vrat

    शास्त्रों के अनुसार यह व्रत पहली बार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए किया था। पार्वती रूप में जन्म लेने से पहले पार्वती कोयल बनकर दस हजार सालों तक नंदन वन में भटकती रही। शाप मुक्त होने के बाद पार्वती ने कोयल की पूजा की इससे भगवान शिव प्रसन्न […]

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    शास्त्रों के अनुसार यह व्रत पहली बार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए किया था। पार्वती रूप में जन्म लेने से पहले पार्वती कोयल बनकर दस हजार सालों तक नंदन वन में भटकती रही। शाप मुक्त होने के बाद पार्वती ने कोयल की पूजा की इससे भगवान शिव प्रसन्न […]

    Kushmaandi Vrat

    नवरात्रि के चतुर्थ दिन, मां कूष्मांडा जी की पूजा की जाती है। यह शक्ति का चौथा स्वरूप है, जिन्हें सूर्य के समान तेजस्वी माना गया है। मां के स्वरूप की व्याख्या कुछ इस प्रकार है, देवी कुष्मांडा व उनकी आठ भुजाएं हमें कर्मयोगी जीवन अपनाकर तेज अर्जित करने की प्रेरणा देती हैं, उनकी मधुर मुस्कान […]

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    नवरात्रि के चतुर्थ दिन, मां कूष्मांडा जी की पूजा की जाती है। यह शक्ति का चौथा स्वरूप है, जिन्हें सूर्य के समान तेजस्वी माना गया है। मां के स्वरूप की व्याख्या कुछ इस प्रकार है, देवी कुष्मांडा व उनकी आठ भुजाएं हमें कर्मयोगी जीवन अपनाकर तेज अर्जित करने की प्रेरणा देती हैं, उनकी मधुर मुस्कान […]

    Lakshya Pradishana Vrat

    इष्टदेव की मूर्ति (या कहीं-कहीं देवायतन) के चारों ओर वृत्ताकार इस प्रकार घूमना जिसमें देव या मंदिर अपने दक्षिण भाग में रहे, प्रदक्षिणा कहलाता है। यह प्रदक्षिणा (नमस्कार के साथ) एक ‘उपचार’ (षोडश उपचारों में अन्यतम) माना जाता है, ऐसा बहुतों का मत है। प्रदक्षिणा के अंत में प्रणाम अवश्य करना चाहिये, बहुतों का मत […]

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    इष्टदेव की मूर्ति (या कहीं-कहीं देवायतन) के चारों ओर वृत्ताकार इस प्रकार घूमना जिसमें देव या मंदिर अपने दक्षिण भाग में रहे, प्रदक्षिणा कहलाता है। यह प्रदक्षिणा (नमस्कार के साथ) एक ‘उपचार’ (षोडश उपचारों में अन्यतम) माना जाता है, ऐसा बहुतों का मत है। प्रदक्षिणा के अंत में प्रणाम अवश्य करना चाहिये, बहुतों का मत […]

    Maha Ashthami Vrat (Mahanisha / Durga Vrat)

    नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. माता के हर रूप का अलग महत्व है. इसलिए मां के हर रूप की पूजा भी विशेष तरीके से की जाती है. नवरात्रि में व्रतियों को प्रतिदिन सुबह स्नान करना चाहिए. साथ ही आपको स्वच्छता का विशेष ख्याल रखना चाहिए. […]

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    नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. माता के हर रूप का अलग महत्व है. इसलिए मां के हर रूप की पूजा भी विशेष तरीके से की जाती है. नवरात्रि में व्रतियों को प्रतिदिन सुबह स्नान करना चाहिए. साथ ही आपको स्वच्छता का विशेष ख्याल रखना चाहिए. […]

    Malmaas Vrat

    सभी जानते हैं कि हिन्दू पंचांग के अनुसार वर्ष में कुल 12 मास होते हैं, लेकिन इनमें से एक मास ऐसा है जिसके बारे में काफी कम लोग जानते हैं। लेकिन उन्हें इसका ज्ञान जरूर हो जाता है जो किसी मंगल कार्य को करने के लिए शुभ मुहूर्त की तलाश में होते हैं। मलमास या […]

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    सभी जानते हैं कि हिन्दू पंचांग के अनुसार वर्ष में कुल 12 मास होते हैं, लेकिन इनमें से एक मास ऐसा है जिसके बारे में काफी कम लोग जानते हैं। लेकिन उन्हें इसका ज्ञान जरूर हो जाता है जो किसी मंगल कार्य को करने के लिए शुभ मुहूर्त की तलाश में होते हैं। मलमास या […]

    Mangala Gauri Vrat

    श्रावण मास में श्रावण सोमवार के दूसरे दिन यानी मंगलवार के दिन ‘मंगला गौरी व्रत’ मनाया जाता है। श्रावण माह के हर मंगलवार को मनने वाले इस व्रत को मंगला गौरी व्रत (पार्वतीजी) नाम से ही जाना जाता है। धार्मिक पुराणों के अनुसार इस व्रत को करने से सुहागिन महिलाओं को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति […]

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    श्रावण मास में श्रावण सोमवार के दूसरे दिन यानी मंगलवार के दिन ‘मंगला गौरी व्रत’ मनाया जाता है। श्रावण माह के हर मंगलवार को मनने वाले इस व्रत को मंगला गौरी व्रत (पार्वतीजी) नाम से ही जाना जाता है। धार्मिक पुराणों के अनुसार इस व्रत को करने से सुहागिन महिलाओं को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति […]

    Mangalvaar Vrat

    सभी हनुमान भक्त मंगलवार और शनिवार का व्रत बजरंगबली के लिए रह सकते हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगलवार का व्रत उन्हें करना चाहिए जिनकी कुंडली में मंगल ग्रह निर्बल हो और जिसके चलते वह शुभ फल नहीं दे रहा हो. मंगलवार व्रत से लाभ: इस व्रत से कुंडली का मंगल ग्रह शुभ फल देने […]

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    सभी हनुमान भक्त मंगलवार और शनिवार का व्रत बजरंगबली के लिए रह सकते हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगलवार का व्रत उन्हें करना चाहिए जिनकी कुंडली में मंगल ग्रह निर्बल हो और जिसके चलते वह शुभ फल नहीं दे रहा हो. मंगलवार व्रत से लाभ: इस व्रत से कुंडली का मंगल ग्रह शुभ फल देने […]