Aamlaki Ekadashi
मांधाता बोले कि हे वशिष्ठजी! यदि आप मुझ पर कृपा करें तो किसी ऐसे व्रत की कथा कहिए जिससे मेरा कल्याण हो। महर्षि वशिष्ठ बोले कि हे राजन्, सब व्रतों से उत्तम और अंत में मोक्ष देने वाले आमलकी एकादशी के व्रत का मैं वर्णन करता हूं। यह एकादशी फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष में […]
मांधाता बोले कि हे वशिष्ठजी! यदि आप मुझ पर कृपा करें तो किसी ऐसे व्रत की कथा कहिए जिससे मेरा कल्याण हो। महर्षि वशिष्ठ बोले कि हे राजन्, सब व्रतों से उत्तम और अंत में मोक्ष देने वाले आमलकी एकादशी के व्रत का मैं वर्णन करता हूं। यह एकादशी फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष में […]
Achla Ekadashi
अचला/ अपरा एकादशी की प्रचलित कथा के अनुसार प्राचीनकाल में महीध्वज नामक एक धर्मात्मा राजा था। उसका छोटा भाई वज्रध्वज बड़ा ही क्रूर, अधर्मी तथा अन्यायी था। वह अपने बड़े भाई से द्वेष रखता था। उस पापी ने एक दिन रात्रि में अपने बड़े भाई की हत्या करके उसकी देह को एक जंगली पीपल के […]
अचला/ अपरा एकादशी की प्रचलित कथा के अनुसार प्राचीनकाल में महीध्वज नामक एक धर्मात्मा राजा था। उसका छोटा भाई वज्रध्वज बड़ा ही क्रूर, अधर्मी तथा अन्यायी था। वह अपने बड़े भाई से द्वेष रखता था। उस पापी ने एक दिन रात्रि में अपने बड़े भाई की हत्या करके उसकी देह को एक जंगली पीपल के […]
Amaavasya Vrat
हिन्दू धर्म में बेहद महत्वपूर्ण है अमावस्या, इन जातकों को अवश्य करना चाहिए अमावस्या का उपवास… 1 . प्राचीन शास्त्रों के अनुसार अमावस्या तिथि के स्वामी पितृदेव हैं, अत: पितरों की तृप्ति के लिए इस तिथि का अत्यधिक महत्व है। 2. हिन्दू धर्म में अमावस्या तिथि का अत्यधिक महत्वपूर्ण स्थान है। 3. अमावस्या का दिन […]
हिन्दू धर्म में बेहद महत्वपूर्ण है अमावस्या, इन जातकों को अवश्य करना चाहिए अमावस्या का उपवास… 1 . प्राचीन शास्त्रों के अनुसार अमावस्या तिथि के स्वामी पितृदेव हैं, अत: पितरों की तृप्ति के लिए इस तिथि का अत्यधिक महत्व है। 2. हिन्दू धर्म में अमावस्या तिथि का अत्यधिक महत्वपूर्ण स्थान है। 3. अमावस्या का दिन […]
Anant Chaturdashi Vrat
पौराणिक युग में सुमंत नाम का एक ब्राम्हण था, जो बहुत विद्वान था. उसकी पत्नी भी धार्मिक स्त्री थी, जिसका नाम दीक्षा था. सुमंत और दीक्षा की एक संस्कारी पुत्री थी, जिसका नाम सुशीला था. सुशीला के बड़े होते होते उसकी माँ दीक्षा का स्वर्गवास हो गया. सुशीला छोटी थी, उसकी परवरिश को ध्यान में […]
पौराणिक युग में सुमंत नाम का एक ब्राम्हण था, जो बहुत विद्वान था. उसकी पत्नी भी धार्मिक स्त्री थी, जिसका नाम दीक्षा था. सुमंत और दीक्षा की एक संस्कारी पुत्री थी, जिसका नाम सुशीला था. सुशीला के बड़े होते होते उसकी माँ दीक्षा का स्वर्गवास हो गया. सुशीला छोटी थी, उसकी परवरिश को ध्यान में […]
Annkoot Vrat
दीपावली के अगले दिन कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रथमा को अन्नकूट का त्यौहार मनाया जाता है। पौराणिक कथानुसार यह पर्व द्वापर युग में आरम्भ हुआ था क्योंकि इसी दिन भगवान श्री कृष्ण ने गोवर्धन और गायों के पूजा के निमित्त पके हुए अन्न भोग में लगाए थे, इसलिए इस दिन का नाम अन्नकूट पड़ा, कई जगह […]
दीपावली के अगले दिन कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रथमा को अन्नकूट का त्यौहार मनाया जाता है। पौराणिक कथानुसार यह पर्व द्वापर युग में आरम्भ हुआ था क्योंकि इसी दिन भगवान श्री कृष्ण ने गोवर्धन और गायों के पूजा के निमित्त पके हुए अन्न भोग में लगाए थे, इसलिए इस दिन का नाम अन्नकूट पड़ा, कई जगह […]
Baroothni Ekadashi
इस व्रत को यदि कोई अभागिनी स्त्री करे तो उसको सौभाग्य मिलता है। इसी वरुथिनी एकादशी के प्रभाव से राजा मान्धाता स्वर्ग को गया था। वरुथिनी एकादशी का फल दस हजार वर्ष तक तप करने के बराबर होता है। कुरुक्षेत्र में सूर्यग्रहण के समय एक मन स्वर्णदान करने से जो फल प्राप्त होता है वही […]
इस व्रत को यदि कोई अभागिनी स्त्री करे तो उसको सौभाग्य मिलता है। इसी वरुथिनी एकादशी के प्रभाव से राजा मान्धाता स्वर्ग को गया था। वरुथिनी एकादशी का फल दस हजार वर्ष तक तप करने के बराबर होता है। कुरुक्षेत्र में सूर्यग्रहण के समय एक मन स्वर्णदान करने से जो फल प्राप्त होता है वही […]
Budhavaar Vrat
बुधवार का व्रत व्यक्ति का ज्ञान बढ़ता है. व्यापार में लाभ कमाने के लिए व्यापार के क्षेत्र में बाधाओं को कम करने के लिए ये व्रत लाभकारी है. इसके अलावा जिन लोगों की कुण्डली में बुध अनुकूल परिणाम देने के लिए सक्षम नहीं है उन्हें इस व्रत का पालन करना चाहिए. ये व्रत उन लोगों […]
बुधवार का व्रत व्यक्ति का ज्ञान बढ़ता है. व्यापार में लाभ कमाने के लिए व्यापार के क्षेत्र में बाधाओं को कम करने के लिए ये व्रत लाभकारी है. इसके अलावा जिन लोगों की कुण्डली में बुध अनुकूल परिणाम देने के लिए सक्षम नहीं है उन्हें इस व्रत का पालन करना चाहिए. ये व्रत उन लोगों […]
Dushehra Vrat
दशहरा (विजयादशमी या आयुध-पूजा) हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। अश्विन (क्वार) मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को इसका आयोजन होता है। भगवान राम ने इसी दिन रावण का वध किया था तथा देवी दुर्गा ने नौ रात्रि एवं दस दिन के युद्ध के उपरान्त महिषासुर पर विजय प्राप्त किया था। इसे असत्य […]
दशहरा (विजयादशमी या आयुध-पूजा) हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। अश्विन (क्वार) मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को इसका आयोजन होता है। भगवान राम ने इसी दिन रावण का वध किया था तथा देवी दुर्गा ने नौ रात्रि एवं दस दिन के युद्ध के उपरान्त महिषासुर पर विजय प्राप्त किया था। इसे असत्य […]
Gapadam Vrat
Human beings suffer from pleasure of sin and conduct of sin by virtue of virtue . Every creature in the world wants the retrieval of his favorable happiness and the retirement of his adversity. Knowing this situation of human beings , the Siddhas and the Siddhas in the underwriters, Vedas , Puranas , SmrutiAnd, by […]
Human beings suffer from pleasure of sin and conduct of sin by virtue of virtue . Every creature in the world wants the retrieval of his favorable happiness and the retirement of his adversity. Knowing this situation of human beings , the Siddhas and the Siddhas in the underwriters, Vedas , Puranas , SmrutiAnd, by […]








