Kokila Vrat
शास्त्रों के अनुसार यह व्रत पहली बार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए किया था। पार्वती रूप में जन्म लेने से पहले पार्वती कोयल बनकर दस हजार सालों तक नंदन वन में भटकती रही। शाप मुक्त होने के बाद पार्वती ने कोयल की पूजा की इससे भगवान शिव प्रसन्न […]
शास्त्रों के अनुसार यह व्रत पहली बार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए किया था। पार्वती रूप में जन्म लेने से पहले पार्वती कोयल बनकर दस हजार सालों तक नंदन वन में भटकती रही। शाप मुक्त होने के बाद पार्वती ने कोयल की पूजा की इससे भगवान शिव प्रसन्न […]
Kushmaandi Vrat
नवरात्रि के चतुर्थ दिन, मां कूष्मांडा जी की पूजा की जाती है। यह शक्ति का चौथा स्वरूप है, जिन्हें सूर्य के समान तेजस्वी माना गया है। मां के स्वरूप की व्याख्या कुछ इस प्रकार है, देवी कुष्मांडा व उनकी आठ भुजाएं हमें कर्मयोगी जीवन अपनाकर तेज अर्जित करने की प्रेरणा देती हैं, उनकी मधुर मुस्कान […]
नवरात्रि के चतुर्थ दिन, मां कूष्मांडा जी की पूजा की जाती है। यह शक्ति का चौथा स्वरूप है, जिन्हें सूर्य के समान तेजस्वी माना गया है। मां के स्वरूप की व्याख्या कुछ इस प्रकार है, देवी कुष्मांडा व उनकी आठ भुजाएं हमें कर्मयोगी जीवन अपनाकर तेज अर्जित करने की प्रेरणा देती हैं, उनकी मधुर मुस्कान […]
Lakshya Pradishana Vrat
इष्टदेव की मूर्ति (या कहीं-कहीं देवायतन) के चारों ओर वृत्ताकार इस प्रकार घूमना जिसमें देव या मंदिर अपने दक्षिण भाग में रहे, प्रदक्षिणा कहलाता है। यह प्रदक्षिणा (नमस्कार के साथ) एक ‘उपचार’ (षोडश उपचारों में अन्यतम) माना जाता है, ऐसा बहुतों का मत है। प्रदक्षिणा के अंत में प्रणाम अवश्य करना चाहिये, बहुतों का मत […]
इष्टदेव की मूर्ति (या कहीं-कहीं देवायतन) के चारों ओर वृत्ताकार इस प्रकार घूमना जिसमें देव या मंदिर अपने दक्षिण भाग में रहे, प्रदक्षिणा कहलाता है। यह प्रदक्षिणा (नमस्कार के साथ) एक ‘उपचार’ (षोडश उपचारों में अन्यतम) माना जाता है, ऐसा बहुतों का मत है। प्रदक्षिणा के अंत में प्रणाम अवश्य करना चाहिये, बहुतों का मत […]
Lalita Tripur Sundari Prayog
ललिता माता का मंत्र समस्त सुखों को प्रदान करने वाला मंत्र है। पंचमी तिथि के दिन आदिशक्ति त्रिपुर सुंदरी जगत जननी ललिता माता के दर्शन से मनुष्य के सभी कष्टों का निवारण स्वत: ही हो जाता है। ललिता माता की पूजा-अर्चना एवं व्रत मनुष्य को शक्ति प्रदान करते हैं। प्रतिदिन अथवा पंचमी के दिन ललिता […]
ललिता माता का मंत्र समस्त सुखों को प्रदान करने वाला मंत्र है। पंचमी तिथि के दिन आदिशक्ति त्रिपुर सुंदरी जगत जननी ललिता माता के दर्शन से मनुष्य के सभी कष्टों का निवारण स्वत: ही हो जाता है। ललिता माता की पूजा-अर्चना एवं व्रत मनुष्य को शक्ति प्रदान करते हैं। प्रतिदिन अथवा पंचमी के दिन ललिता […]
Laxmi Yagya
This yagya is for the fulfillment of material desires, and to get divine wisdom. Laxmi, is the adobe of all auspiciousness, beauty, wealth, happiness, fortune, luxury, fertility and power. Participating in this yagya helps you to be happy, healthy, wealty. Laxmi help you to obtain good progeny, and also helps the spiritual aspirants to be […]
This yagya is for the fulfillment of material desires, and to get divine wisdom. Laxmi, is the adobe of all auspiciousness, beauty, wealth, happiness, fortune, luxury, fertility and power. Participating in this yagya helps you to be happy, healthy, wealty. Laxmi help you to obtain good progeny, and also helps the spiritual aspirants to be […]
Maatangi Prayog (Abhishtha Vyakti Vishesh)
Matangi is one of the Mahavidyas, ten Tantric goddesses and a ferocious aspect of Devi, the Hindu Divine Mother. She is a form of Parvati and she governs speech, music, knowledge and the arts. Her worship is prescribed to acquire supernatural powers, especially gaining control over enemies, attracting people to oneself, acquiring mastery over the […]
Matangi is one of the Mahavidyas, ten Tantric goddesses and a ferocious aspect of Devi, the Hindu Divine Mother. She is a form of Parvati and she governs speech, music, knowledge and the arts. Her worship is prescribed to acquire supernatural powers, especially gaining control over enemies, attracting people to oneself, acquiring mastery over the […]
Maha Ashthami Vrat (Mahanisha / Durga Vrat)
नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. माता के हर रूप का अलग महत्व है. इसलिए मां के हर रूप की पूजा भी विशेष तरीके से की जाती है. नवरात्रि में व्रतियों को प्रतिदिन सुबह स्नान करना चाहिए. साथ ही आपको स्वच्छता का विशेष ख्याल रखना चाहिए. […]
नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. माता के हर रूप का अलग महत्व है. इसलिए मां के हर रूप की पूजा भी विशेष तरीके से की जाती है. नवरात्रि में व्रतियों को प्रतिदिन सुबह स्नान करना चाहिए. साथ ही आपको स्वच्छता का विशेष ख्याल रखना चाहिए. […]
Maha Vidya Prayog Aparjita
दिव्योर्वताम सः मनस्विता: संकलनाम । त्रयी शक्ति ते त्रिपुरे घोरा छिन्न्मस्तिके च।। > देवी, अप्सरा, यक्षिणी, डाकिनी, शाकिनी और पिशाचिनी आदि में सबसे सात्विक और धर्म का मार्ग है ‘देवी’ की पूजा, साधना और प्रार्थना करना। कैलाश पर्वत के ध्यानी की अर्धांगिनी सती ने दूसरा जन्म पार्वती के रूप में लिया था। इनके दो पुत्र […]
दिव्योर्वताम सः मनस्विता: संकलनाम । त्रयी शक्ति ते त्रिपुरे घोरा छिन्न्मस्तिके च।। > देवी, अप्सरा, यक्षिणी, डाकिनी, शाकिनी और पिशाचिनी आदि में सबसे सात्विक और धर्म का मार्ग है ‘देवी’ की पूजा, साधना और प्रार्थना करना। कैलाश पर्वत के ध्यानी की अर्धांगिनी सती ने दूसरा जन्म पार्वती के रूप में लिया था। इनके दो पुत्र […]
Mahamrityunjaya (Sarvarisht Nashak)
Lord Shiva is one of the main deities of Hindu religion and millions of Hindus from all over the world are devoted to his worship to seek his blessings. The holiest shrines of Lord Shiva in India are the Jyotirlinga temples at Varanasi, Nashik, Ujjain, Rameshwaram and many other locations. The main aim of the […]
Lord Shiva is one of the main deities of Hindu religion and millions of Hindus from all over the world are devoted to his worship to seek his blessings. The holiest shrines of Lord Shiva in India are the Jyotirlinga temples at Varanasi, Nashik, Ujjain, Rameshwaram and many other locations. The main aim of the […]









