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कमला माता को लक्ष्मी का ही रुप माना जाता है। मां कमला साधक को धन व ऐश्वर्य प्रदान करती हैं। यह दस महाविद्या में शामिल हैं। ये दस महाविद्याओं में दसवें स्थान पर हैं। वैसे तो इन दसों महाविद्याओं में शामिल सभी देवियां अपने-आप में पूर्ण हैं लेकिन साधक की सुविधा, साधना क्रम और आध्यात्मिक […]
कमला माता को लक्ष्मी का ही रुप माना जाता है। मां कमला साधक को धन व ऐश्वर्य प्रदान करती हैं। यह दस महाविद्या में शामिल हैं। ये दस महाविद्याओं में दसवें स्थान पर हैं। वैसे तो इन दसों महाविद्याओं में शामिल सभी देवियां अपने-आप में पूर्ण हैं लेकिन साधक की सुविधा, साधना क्रम और आध्यात्मिक […]
कमला माता को लक्ष्मी का ही रुप माना जाता है। मां कमला साधक को धन व ऐश्वर्य प्रदान करती हैं। यह दस महाविद्या में शामिल हैं। ये दस महाविद्याओं में दसवें स्थान पर हैं। वैसे तो इन दसों महाविद्याओं में शामिल सभी देवियां अपने-आप में पूर्ण हैं लेकिन साधक की सुविधा, साधना क्रम और आध्यात्मिक […]
कमला माता को लक्ष्मी का ही रुप माना जाता है। मां कमला साधक को धन व ऐश्वर्य प्रदान करती हैं। यह दस महाविद्या में शामिल हैं। ये दस महाविद्याओं में दसवें स्थान पर हैं। वैसे तो इन दसों महाविद्याओं में शामिल सभी देवियां अपने-आप में पूर्ण हैं लेकिन साधक की सुविधा, साधना क्रम और आध्यात्मिक […]
हिन्दू धर्म संस्कारों में कर्णवेध संस्कार नवम संस्कार है। यह संस्कार कर्णेन्दिय में श्रवण शक्ति की वृद्धि, कर्ण में आभूषण पहनने तथा स्वास्थ्य रक्षा के लिये किया जाता है। विशेषकर कन्याओं के लिये तो कर्णवेध नितान्त आवश्यक माना गया है। इसमें दोनों कानों को वेध करके उसकी नस को ठीक रखने के लिए उसमें सुवर्ण […]
हिन्दू धर्म संस्कारों में कर्णवेध संस्कार नवम संस्कार है। यह संस्कार कर्णेन्दिय में श्रवण शक्ति की वृद्धि, कर्ण में आभूषण पहनने तथा स्वास्थ्य रक्षा के लिये किया जाता है। विशेषकर कन्याओं के लिये तो कर्णवेध नितान्त आवश्यक माना गया है। इसमें दोनों कानों को वेध करके उसकी नस को ठीक रखने के लिए उसमें सुवर्ण […]
हिन्दू धर्म संस्कारों में कर्णवेध संस्कार नवम संस्कार है। यह संस्कार कर्णेन्दिय में श्रवण शक्ति की वृद्धि, कर्ण में आभूषण पहनने तथा स्वास्थ्य रक्षा के लिये किया जाता है। विशेषकर कन्याओं के लिये तो कर्णवेध नितान्त आवश्यक माना गया है। इसमें दोनों कानों को वेध करके उसकी नस को ठीक रखने के लिए उसमें सुवर्ण […]
हिन्दू धर्म संस्कारों में कर्णवेध संस्कार नवम संस्कार है। यह संस्कार कर्णेन्दिय में श्रवण शक्ति की वृद्धि, कर्ण में आभूषण पहनने तथा स्वास्थ्य रक्षा के लिये किया जाता है। विशेषकर कन्याओं के लिये तो कर्णवेध नितान्त आवश्यक माना गया है। इसमें दोनों कानों को वेध करके उसकी नस को ठीक रखने के लिए उसमें सुवर्ण […]
ललिता माता का मंत्र समस्त सुखों को प्रदान करने वाला मंत्र है। पंचमी तिथि के दिन आदिशक्ति त्रिपुर सुंदरी जगत जननी ललिता माता के दर्शन से मनुष्य के सभी कष्टों का निवारण स्वत: ही हो जाता है। ललिता माता की पूजा-अर्चना एवं व्रत मनुष्य को शक्ति प्रदान करते हैं। प्रतिदिन अथवा पंचमी के दिन ललिता […]
ललिता माता का मंत्र समस्त सुखों को प्रदान करने वाला मंत्र है। पंचमी तिथि के दिन आदिशक्ति त्रिपुर सुंदरी जगत जननी ललिता माता के दर्शन से मनुष्य के सभी कष्टों का निवारण स्वत: ही हो जाता है। ललिता माता की पूजा-अर्चना एवं व्रत मनुष्य को शक्ति प्रदान करते हैं। प्रतिदिन अथवा पंचमी के दिन ललिता […]
ललिता माता का मंत्र समस्त सुखों को प्रदान करने वाला मंत्र है। पंचमी तिथि के दिन आदिशक्ति त्रिपुर सुंदरी जगत जननी ललिता माता के दर्शन से मनुष्य के सभी कष्टों का निवारण स्वत: ही हो जाता है। ललिता माता की पूजा-अर्चना एवं व्रत मनुष्य को शक्ति प्रदान करते हैं। प्रतिदिन अथवा पंचमी के दिन ललिता […]
ललिता माता का मंत्र समस्त सुखों को प्रदान करने वाला मंत्र है। पंचमी तिथि के दिन आदिशक्ति त्रिपुर सुंदरी जगत जननी ललिता माता के दर्शन से मनुष्य के सभी कष्टों का निवारण स्वत: ही हो जाता है। ललिता माता की पूजा-अर्चना एवं व्रत मनुष्य को शक्ति प्रदान करते हैं। प्रतिदिन अथवा पंचमी के दिन ललिता […]
Matangi is one of the Mahavidyas, ten Tantric goddesses and a ferocious aspect of Devi, the Hindu Divine Mother. She is a form of Parvati and she governs speech, music, knowledge and the arts. Her worship is prescribed to acquire supernatural powers, especially gaining control over enemies, attracting people to oneself, acquiring mastery over the […]
Matangi is one of the Mahavidyas, ten Tantric goddesses and a ferocious aspect of Devi, the Hindu Divine Mother. She is a form of Parvati and she governs speech, music, knowledge and the arts. Her worship is prescribed to acquire supernatural powers, especially gaining control over enemies, attracting people to oneself, acquiring mastery over the […]
Matangi is one of the Mahavidyas, ten Tantric goddesses and a ferocious aspect of Devi, the Hindu Divine Mother. She is a form of Parvati and she governs speech, music, knowledge and the arts. Her worship is prescribed to acquire supernatural powers, especially gaining control over enemies, attracting people to oneself, acquiring mastery over the […]
Matangi is one of the Mahavidyas, ten Tantric goddesses and a ferocious aspect of Devi, the Hindu Divine Mother. She is a form of Parvati and she governs speech, music, knowledge and the arts. Her worship is prescribed to acquire supernatural powers, especially gaining control over enemies, attracting people to oneself, acquiring mastery over the […]
दिव्योर्वताम सः मनस्विता: संकलनाम । त्रयी शक्ति ते त्रिपुरे घोरा छिन्न्मस्तिके च।। > देवी, अप्सरा, यक्षिणी, डाकिनी, शाकिनी और पिशाचिनी आदि में सबसे सात्विक और धर्म का मार्ग है ‘देवी’ की पूजा, साधना और प्रार्थना करना। कैलाश पर्वत के ध्यानी की अर्धांगिनी सती ने दूसरा जन्म पार्वती के रूप में लिया था। इनके दो पुत्र […]
दिव्योर्वताम सः मनस्विता: संकलनाम । त्रयी शक्ति ते त्रिपुरे घोरा छिन्न्मस्तिके च।। > देवी, अप्सरा, यक्षिणी, डाकिनी, शाकिनी और पिशाचिनी आदि में सबसे सात्विक और धर्म का मार्ग है ‘देवी’ की पूजा, साधना और प्रार्थना करना। कैलाश पर्वत के ध्यानी की अर्धांगिनी सती ने दूसरा जन्म पार्वती के रूप में लिया था। इनके दो पुत्र […]