विवाहित स्त्री चाहती हैं कि उसका भी कोई अपना हो जो उसे मां कहकर पुकारे। सामान्यत: अधिकांश महिलाएं भाग्यशाली होती हैं, जिन्हें यह सुख प्राप्त हो जाता है, फिर भी काफी महिलाएं ऐसी हैं, जो मां बनने के सुख से वंचित हैं। यदि पति-पत्नी दोनों ही स्वास्थ्य की दृष्टि से उत्तम हैं, फिर भी उनके […]
Baal Rog Parihaar का आर्ष व आद्य ग्रन्थ है। इसे ‘वृद्धजीवकीयतन्त्र’ भी कहा जाता है। महर्षि कश्यप ने कौमारभृत्य को आयुर्वेद के आठ अंगों में प्रथम स्थान दिया है। इसकी रचना ईसापूर्व ६ठी शताब्दी में हुई थी। मध्ययुग में इसका चीनी भाषा में अनुवाद हुआ। कश्यप संहिता आयुर्वेद की अत्यन्त प्राचीन संहिता है और सभी […]
जातक की शिक्षा दीक्षा आरंभ करवाने के लिये जो संस्कार किया जाता है उसे उपनयन संस्कार कहा जाता है। चूंकि शिक्षा मनुष्य के जीवन में निरंतर चलने वाली एक प्रक्रिया है जिससे शिक्षार्थी का सर्वांगीण विकास होता है। आरंभ में जातक को जब इस लायक समझा जाता कि अब वह गुरूओं से ज्ञान अर्जित करने […]
लड़की के विवाह में एक महत्वपूर्ण रस्म है- स्तंभरोपण। विवाह के दिन अच्छे मुहूर्त में 21 हरे बांस लेकर मंडप बनाया जाता है। यह हरा बांस ही स्तंभ होता है। यह प्रथा प्राय: भारत के सभी हिस्सों में देखी जाती थी जो कि अब कम होती जा रही है। मंडप के दक्षिण पश्चिम कोने यानी […]
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