Puja

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    Shivalakshya Vrat

    देवों के देव महादेव के जितने नाम हैं, उतने ही रूप हैं और हर रूप से नया वरदान मिलता है क्योंकि भोलेनाथ के हर रूप के पीछे एक कहानी है….आज हम आपको शिव के 6 मुख्य रूपों के बारे में बताएंगे… शिव का पहला रूप से जुड़ी है सृष्टि के निर्माण की कहानी. देखिए किस […]

    2,000.00
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    देवों के देव महादेव के जितने नाम हैं, उतने ही रूप हैं और हर रूप से नया वरदान मिलता है क्योंकि भोलेनाथ के हर रूप के पीछे एक कहानी है….आज हम आपको शिव के 6 मुख्य रूपों के बारे में बताएंगे… शिव का पहला रूप से जुड़ी है सृष्टि के निर्माण की कहानी. देखिए किस […]

    Shodashi Prayog (Abhishtha Vyakti Vishesh)

    षोडशी माहेश्वरी शक्ति की सबसे मनोहर श्रीविग्रहवाली सिद्ध देवी हैं. महाविद्याओं में इनका चौथा स्थान है। सोलह अक्षरों के मन्त्रवाली इन देवी की अंगकान्ति उदीयमान सूर्यमण्डल की आभा की भाँति है। इनकी चार भुजाएँ और तीन नेत्र है। ये शान्त मुद्रा में लेटे हुए सदाशिव पर स्थित कमल के आसन पर आसीन है। इनके चारों […]

    25,000.00
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    षोडशी माहेश्वरी शक्ति की सबसे मनोहर श्रीविग्रहवाली सिद्ध देवी हैं. महाविद्याओं में इनका चौथा स्थान है। सोलह अक्षरों के मन्त्रवाली इन देवी की अंगकान्ति उदीयमान सूर्यमण्डल की आभा की भाँति है। इनकी चार भुजाएँ और तीन नेत्र है। ये शान्त मुद्रा में लेटे हुए सदाशिव पर स्थित कमल के आसन पर आसीन है। इनके चारों […]

    Shodashi Prayog (Abhishtha Vyakti Vishesh)

    षोडशी माहेश्वरी शक्ति की सबसे मनोहर श्रीविग्रहवाली सिद्ध देवी हैं. महाविद्याओं में इनका चौथा स्थान है। सोलह अक्षरों के मन्त्रवाली इन देवी की अंगकान्ति उदीयमान सूर्यमण्डल की आभा की भाँति है। इनकी चार भुजाएँ और तीन नेत्र है। ये शान्त मुद्रा में लेटे हुए सदाशिव पर स्थित कमल के आसन पर आसीन है। इनके चारों […]

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    षोडशी माहेश्वरी शक्ति की सबसे मनोहर श्रीविग्रहवाली सिद्ध देवी हैं. महाविद्याओं में इनका चौथा स्थान है। सोलह अक्षरों के मन्त्रवाली इन देवी की अंगकान्ति उदीयमान सूर्यमण्डल की आभा की भाँति है। इनकी चार भुजाएँ और तीन नेत्र है। ये शान्त मुद्रा में लेटे हुए सदाशिव पर स्थित कमल के आसन पर आसीन है। इनके चारों […]

    Shreemad Bhagvat (Pitra Mukti, Samajik Uthaan)

    श्रीमद भागवत कथा श्रवण से जन्म जन्मांतर के विकार नष्ट होकर प्राणी मात्र का लौकिक व आध्यात्मिक विकास होता है। जहां अन्य युगों में धर्म लाभ एवं मोक्ष प्राप्ति के लिए कड़े प्रयास करने पड़ते हैं, कलियुग में कथा सुनने मात्र से व्यक्ति भवसागर से पार हो जाता है। सोया हुआ ज्ञान वैराग्य कथा श्रवण […]

    14,000.00
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    श्रीमद भागवत कथा श्रवण से जन्म जन्मांतर के विकार नष्ट होकर प्राणी मात्र का लौकिक व आध्यात्मिक विकास होता है। जहां अन्य युगों में धर्म लाभ एवं मोक्ष प्राप्ति के लिए कड़े प्रयास करने पड़ते हैं, कलियुग में कथा सुनने मात्र से व्यक्ति भवसागर से पार हो जाता है। सोया हुआ ज्ञान वैराग्य कथा श्रवण […]

    Shreemad Bhagvat (Pitra Mukti, Samajik Uthaan)

    श्रीमद भागवत कथा श्रवण से जन्म जन्मांतर के विकार नष्ट होकर प्राणी मात्र का लौकिक व आध्यात्मिक विकास होता है। जहां अन्य युगों में धर्म लाभ एवं मोक्ष प्राप्ति के लिए कड़े प्रयास करने पड़ते हैं, कलियुग में कथा सुनने मात्र से व्यक्ति भवसागर से पार हो जाता है। सोया हुआ ज्ञान वैराग्य कथा श्रवण […]

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    श्रीमद भागवत कथा श्रवण से जन्म जन्मांतर के विकार नष्ट होकर प्राणी मात्र का लौकिक व आध्यात्मिक विकास होता है। जहां अन्य युगों में धर्म लाभ एवं मोक्ष प्राप्ति के लिए कड़े प्रयास करने पड़ते हैं, कलियुग में कथा सुनने मात्र से व्यक्ति भवसागर से पार हो जाता है। सोया हुआ ज्ञान वैराग्य कथा श्रवण […]

    Shreemad Devi Bhagwat (Devi Kripa Hetu Shreshtha, Sabha Vijay Hetu )

    The Devi Bhagavata Purana (Sanskrit: देवी भागवतपुराण, Devī Bhāgavatapurāṇa), also known as the Shrimad Devi Bhagavatam and the Devi Bhagavatam, Śrīmad Bhāgavata Mahā Purāṇa is a Sanskrit text that belongs to the Purana-genre of Hindu literature. The text is considered a Mahapurana (major Purana) of India. According to some of the Hindus, it is the […]

    14,000.00
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    The Devi Bhagavata Purana (Sanskrit: देवी भागवतपुराण, Devī Bhāgavatapurāṇa), also known as the Shrimad Devi Bhagavatam and the Devi Bhagavatam, Śrīmad Bhāgavata Mahā Purāṇa is a Sanskrit text that belongs to the Purana-genre of Hindu literature. The text is considered a Mahapurana (major Purana) of India. According to some of the Hindus, it is the […]

    Shreemad Devi Bhagwat (Devi Kripa Hetu Shreshtha, Sabha Vijay Hetu )

    The Devi Bhagavata Purana (Sanskrit: देवी भागवतपुराण, Devī Bhāgavatapurāṇa), also known as the Shrimad Devi Bhagavatam and the Devi Bhagavatam, Śrīmad Bhāgavata Mahā Purāṇa is a Sanskrit text that belongs to the Purana-genre of Hindu literature. The text is considered a Mahapurana (major Purana) of India. According to some of the Hindus, it is the […]

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    The Devi Bhagavata Purana (Sanskrit: देवी भागवतपुराण, Devī Bhāgavatapurāṇa), also known as the Shrimad Devi Bhagavatam and the Devi Bhagavatam, Śrīmad Bhāgavata Mahā Purāṇa is a Sanskrit text that belongs to the Purana-genre of Hindu literature. The text is considered a Mahapurana (major Purana) of India. According to some of the Hindus, it is the […]

    Shri Ram Yagya

    यज्ञ, योग की विधि है जो परमात्मा द्वारा ही हृदय में सम्पन्न होती है। जीव के अपने सत्य परिचय जो परमात्मा का अभिन्न ज्ञान और अनुभव है, यज्ञ की पूर्णता है। यह शुद्ध होने की क्रिया है। इसका संबंध अग्नि से प्रतीक रूप में किया जाता है। यज्ञ का अर्थ जबकि योग है किन्तु इसकी […]

    105,000.00
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    यज्ञ, योग की विधि है जो परमात्मा द्वारा ही हृदय में सम्पन्न होती है। जीव के अपने सत्य परिचय जो परमात्मा का अभिन्न ज्ञान और अनुभव है, यज्ञ की पूर्णता है। यह शुद्ध होने की क्रिया है। इसका संबंध अग्नि से प्रतीक रूप में किया जाता है। यज्ञ का अर्थ जबकि योग है किन्तु इसकी […]

    Shri Ram Yagya

    यज्ञ, योग की विधि है जो परमात्मा द्वारा ही हृदय में सम्पन्न होती है। जीव के अपने सत्य परिचय जो परमात्मा का अभिन्न ज्ञान और अनुभव है, यज्ञ की पूर्णता है। यह शुद्ध होने की क्रिया है। इसका संबंध अग्नि से प्रतीक रूप में किया जाता है। यज्ञ का अर्थ जबकि योग है किन्तु इसकी […]

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    यज्ञ, योग की विधि है जो परमात्मा द्वारा ही हृदय में सम्पन्न होती है। जीव के अपने सत्य परिचय जो परमात्मा का अभिन्न ज्ञान और अनुभव है, यज्ञ की पूर्णता है। यह शुद्ध होने की क्रिया है। इसका संबंध अग्नि से प्रतीक रूप में किया जाता है। यज्ञ का अर्थ जबकि योग है किन्तु इसकी […]