प्रयोग विशेष

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    Shodashi Prayog (Abhishtha Vyakti Vishesh)

    षोडशी माहेश्वरी शक्ति की सबसे मनोहर श्रीविग्रहवाली सिद्ध देवी हैं. महाविद्याओं में इनका चौथा स्थान है। सोलह अक्षरों के मन्त्रवाली इन देवी की अंगकान्ति उदीयमान सूर्यमण्डल की आभा की भाँति है। इनकी चार भुजाएँ और तीन नेत्र है। ये शान्त मुद्रा में लेटे हुए सदाशिव पर स्थित कमल के आसन पर आसीन है। इनके चारों […]

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    षोडशी माहेश्वरी शक्ति की सबसे मनोहर श्रीविग्रहवाली सिद्ध देवी हैं. महाविद्याओं में इनका चौथा स्थान है। सोलह अक्षरों के मन्त्रवाली इन देवी की अंगकान्ति उदीयमान सूर्यमण्डल की आभा की भाँति है। इनकी चार भुजाएँ और तीन नेत्र है। ये शान्त मुद्रा में लेटे हुए सदाशिव पर स्थित कमल के आसन पर आसीन है। इनके चारों […]

    Shreemad Devi Bhagwat (Devi Kripa Hetu Shreshtha, Sabha Vijay Hetu )

    The Devi Bhagavata Purana (Sanskrit: देवी भागवतपुराण, Devī Bhāgavatapurāṇa), also known as the Shrimad Devi Bhagavatam and the Devi Bhagavatam, Śrīmad Bhāgavata Mahā Purāṇa is a Sanskrit text that belongs to the Purana-genre of Hindu literature. The text is considered a Mahapurana (major Purana) of India. According to some of the Hindus, it is the […]

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    The Devi Bhagavata Purana (Sanskrit: देवी भागवतपुराण, Devī Bhāgavatapurāṇa), also known as the Shrimad Devi Bhagavatam and the Devi Bhagavatam, Śrīmad Bhāgavata Mahā Purāṇa is a Sanskrit text that belongs to the Purana-genre of Hindu literature. The text is considered a Mahapurana (major Purana) of India. According to some of the Hindus, it is the […]

    Tara Prayog (Abishtha Vyakti Vishesh)

    ‘कौलान्तक पीठ हिमालय’ प्रस्तुत करता है ‘तारा महाविद्या’ के साधकों हेतु कौलान्तक क्रमानुसार ‘अक्षोभ्य भैरव’ मंत्र। ये मंत्र ‘तारा महाविद्या’ के सभी स्वरूपों की साधना हेतु अनिवार्य है व निरंतर साधना व दीक्षा काल में प्रयुक्त होना चाहिए। माँ तारा की अनियत्रित शक्ति को आगमानुसार केवल अक्षोभ्य पुरुष ही रोक सकते हैं। इस कारण हमारे […]

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    ‘कौलान्तक पीठ हिमालय’ प्रस्तुत करता है ‘तारा महाविद्या’ के साधकों हेतु कौलान्तक क्रमानुसार ‘अक्षोभ्य भैरव’ मंत्र। ये मंत्र ‘तारा महाविद्या’ के सभी स्वरूपों की साधना हेतु अनिवार्य है व निरंतर साधना व दीक्षा काल में प्रयुक्त होना चाहिए। माँ तारा की अनियत्रित शक्ति को आगमानुसार केवल अक्षोभ्य पुरुष ही रोक सकते हैं। इस कारण हमारे […]

    Tripur Bhairavi Prayog (Abhishtha Vyakti Vishesh)

    त्रिपुर भैरवी की उपासना से सभी बंधन दूर हो जाते हैं. इनकी उपासना भव-बन्ध-मोचन कही जाती है. इस वर्ष त्रिपुर भैरवी 22 दिसंबर 2018 के दिन मनाई जानी है. इनकी उपासना से व्यक्ति को सफलता एवं सर्वसंपदा की प्राप्ति होती है. शक्ति-साधना तथा भक्ति-मार्ग में किसी भी रुप में त्रिपुर भैरवी की उपासना फलदायक ही […]

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    त्रिपुर भैरवी की उपासना से सभी बंधन दूर हो जाते हैं. इनकी उपासना भव-बन्ध-मोचन कही जाती है. इस वर्ष त्रिपुर भैरवी 22 दिसंबर 2018 के दिन मनाई जानी है. इनकी उपासना से व्यक्ति को सफलता एवं सर्वसंपदा की प्राप्ति होती है. शक्ति-साधना तथा भक्ति-मार्ग में किसी भी रुप में त्रिपुर भैरवी की उपासना फलदायक ही […]

    Vipreet Pratyangira Prayog

    रक्षा व शत्रुनाश में बेजोड़ शत्रु की प्रबल से प्रबलतम तांत्रिक क्रियाओं को वापस लौटने वाली एवं रक्षा करने वाली दिव्य शक्ति है प्रत्यंगिरा। विरोधियों/दुश्मनों के प्रयोग तथा किये-कराये को नाश करने के लिए इस तंत्र का प्रयोग किया जाता है। यह स्वत: सिद्ध है। अत: इसके प्रयोग के लिए इसे पुन: सिद्ध करने की […]

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    रक्षा व शत्रुनाश में बेजोड़ शत्रु की प्रबल से प्रबलतम तांत्रिक क्रियाओं को वापस लौटने वाली एवं रक्षा करने वाली दिव्य शक्ति है प्रत्यंगिरा। विरोधियों/दुश्मनों के प्रयोग तथा किये-कराये को नाश करने के लिए इस तंत्र का प्रयोग किया जाता है। यह स्वत: सिद्ध है। अत: इसके प्रयोग के लिए इसे पुन: सिद्ध करने की […]