Baglamukhi Prayog (Shatru Vishesh “Gyat Aghyaat”, & Jinnah Siddhi Vaaq Shakti)
मां बगुलामुखी दुष्टों का संहार करती हैं। अशुभ समय का निवारण कर नई चेतना का संचार करती हैं। इनकी साधना अथवा प्रार्थना में श्रद्धा और विश्वास असीम हो तभी मां की शुभ दृष्टि आप पर होगी। इनकी आराधना करके आप जीवन में जो चाहें जैसा चाहे वैसा कर सकते हैं। सामान्यत: आजकल इनकी सर्वाधिक आराधना […]
मां बगुलामुखी दुष्टों का संहार करती हैं। अशुभ समय का निवारण कर नई चेतना का संचार करती हैं। इनकी साधना अथवा प्रार्थना में श्रद्धा और विश्वास असीम हो तभी मां की शुभ दृष्टि आप पर होगी। इनकी आराधना करके आप जीवन में जो चाहें जैसा चाहे वैसा कर सकते हैं। सामान्यत: आजकल इनकी सर्वाधिक आराधना […]
Baglamukhi Prayog (Shatru Vishesh “Gyat Aghyaat”, & Jinnah Siddhi Vaaq Shakti)
मां बगुलामुखी दुष्टों का संहार करती हैं। अशुभ समय का निवारण कर नई चेतना का संचार करती हैं। इनकी साधना अथवा प्रार्थना में श्रद्धा और विश्वास असीम हो तभी मां की शुभ दृष्टि आप पर होगी। इनकी आराधना करके आप जीवन में जो चाहें जैसा चाहे वैसा कर सकते हैं। सामान्यत: आजकल इनकी सर्वाधिक आराधना […]
मां बगुलामुखी दुष्टों का संहार करती हैं। अशुभ समय का निवारण कर नई चेतना का संचार करती हैं। इनकी साधना अथवा प्रार्थना में श्रद्धा और विश्वास असीम हो तभी मां की शुभ दृष्टि आप पर होगी। इनकी आराधना करके आप जीवन में जो चाहें जैसा चाहे वैसा कर सकते हैं। सामान्यत: आजकल इनकी सर्वाधिक आराधना […]
Bhairav Prayog (Bhaya Nashak) “Devi Sadhana Hetu Avashyak”
शिवपुराण के अनुसार मार्गशीर्ष मास के कृष्णपक्ष की अष्टमी को दोपहर में भगवान शंकर के अंश से भैरव की उत्पत्ति हुई थी। इसलिए इस तिथि को काल भैरवाष्टमी या भैरवाष्टमी के नाम से जाना जाता है। पुराणों के अनुसार अंधकासुर दैत्य ने एक बार अपनी क्षमताओं को भूलकर अहंकार में भगवान शिव के ऊपर हमला […]
शिवपुराण के अनुसार मार्गशीर्ष मास के कृष्णपक्ष की अष्टमी को दोपहर में भगवान शंकर के अंश से भैरव की उत्पत्ति हुई थी। इसलिए इस तिथि को काल भैरवाष्टमी या भैरवाष्टमी के नाम से जाना जाता है। पुराणों के अनुसार अंधकासुर दैत्य ने एक बार अपनी क्षमताओं को भूलकर अहंकार में भगवान शिव के ऊपर हमला […]
Bhairav Prayog (Bhaya Nashak) “Devi Sadhana Hetu Avashyak”
शिवपुराण के अनुसार मार्गशीर्ष मास के कृष्णपक्ष की अष्टमी को दोपहर में भगवान शंकर के अंश से भैरव की उत्पत्ति हुई थी। इसलिए इस तिथि को काल भैरवाष्टमी या भैरवाष्टमी के नाम से जाना जाता है। पुराणों के अनुसार अंधकासुर दैत्य ने एक बार अपनी क्षमताओं को भूलकर अहंकार में भगवान शिव के ऊपर हमला […]
शिवपुराण के अनुसार मार्गशीर्ष मास के कृष्णपक्ष की अष्टमी को दोपहर में भगवान शंकर के अंश से भैरव की उत्पत्ति हुई थी। इसलिए इस तिथि को काल भैरवाष्टमी या भैरवाष्टमी के नाम से जाना जाता है। पुराणों के अनुसार अंधकासुर दैत्य ने एक बार अपनी क्षमताओं को भूलकर अहंकार में भगवान शिव के ऊपर हमला […]
Ganpati Prayog (Daridrata Nashak)
प्रथम पूज्य गणेश की महिमा निराली है. इनका उपासक कभी तकलीफ में नहीं रह सकता है. कोई विघ्न-बाधा उसके समक्ष टिकी नहीं रह सकती है. किसी भी काम में बाधा हो या धन-संकट की समस्या हो, भगवान गणेश की उपासना से तत्काल उससे मुक्ति मिल सकती है. वैसे तो गणेश की कई तरह से पूजा […]
प्रथम पूज्य गणेश की महिमा निराली है. इनका उपासक कभी तकलीफ में नहीं रह सकता है. कोई विघ्न-बाधा उसके समक्ष टिकी नहीं रह सकती है. किसी भी काम में बाधा हो या धन-संकट की समस्या हो, भगवान गणेश की उपासना से तत्काल उससे मुक्ति मिल सकती है. वैसे तो गणेश की कई तरह से पूजा […]
Ganpati Prayog (Daridrata Nashak)
प्रथम पूज्य गणेश की महिमा निराली है. इनका उपासक कभी तकलीफ में नहीं रह सकता है. कोई विघ्न-बाधा उसके समक्ष टिकी नहीं रह सकती है. किसी भी काम में बाधा हो या धन-संकट की समस्या हो, भगवान गणेश की उपासना से तत्काल उससे मुक्ति मिल सकती है. वैसे तो गणेश की कई तरह से पूजा […]
प्रथम पूज्य गणेश की महिमा निराली है. इनका उपासक कभी तकलीफ में नहीं रह सकता है. कोई विघ्न-बाधा उसके समक्ष टिकी नहीं रह सकती है. किसी भी काम में बाधा हो या धन-संकट की समस्या हो, भगवान गणेश की उपासना से तत्काल उससे मुक्ति मिल सकती है. वैसे तो गणेश की कई तरह से पूजा […]
Hanuman Prayog (Prayoganantargat)
प्रत्येक व्यक्ति चाहता है, उसके जीवन में कोई परेशानी ना हो, उसे सभी प्रकार के भौतिक सुखों की प्राप्ति हो, धन की कभी कमी ना हो और उसका व्यक्तित्व ऐसा आकर्षक बन जाए कि कोई भी उससे प्रभावित हुए बिना ना रह पाए। यह सब तभी संभव हो पाता है जब व्यक्ति का भाग्योदय हो। […]
प्रत्येक व्यक्ति चाहता है, उसके जीवन में कोई परेशानी ना हो, उसे सभी प्रकार के भौतिक सुखों की प्राप्ति हो, धन की कभी कमी ना हो और उसका व्यक्तित्व ऐसा आकर्षक बन जाए कि कोई भी उससे प्रभावित हुए बिना ना रह पाए। यह सब तभी संभव हो पाता है जब व्यक्ति का भाग्योदय हो। […]
Hanuman Prayog (Prayoganantargat)
प्रत्येक व्यक्ति चाहता है, उसके जीवन में कोई परेशानी ना हो, उसे सभी प्रकार के भौतिक सुखों की प्राप्ति हो, धन की कभी कमी ना हो और उसका व्यक्तित्व ऐसा आकर्षक बन जाए कि कोई भी उससे प्रभावित हुए बिना ना रह पाए। यह सब तभी संभव हो पाता है जब व्यक्ति का भाग्योदय हो। […]
प्रत्येक व्यक्ति चाहता है, उसके जीवन में कोई परेशानी ना हो, उसे सभी प्रकार के भौतिक सुखों की प्राप्ति हो, धन की कभी कमी ना हो और उसका व्यक्तित्व ऐसा आकर्षक बन जाए कि कोई भी उससे प्रभावित हुए बिना ना रह पाए। यह सब तभी संभव हो पाता है जब व्यक्ति का भाग्योदय हो। […]
Hayagreev Prayog (Prayoganantargat)
हयग्रिव विष्णु का एक बहुत ही दुर्लभ घोड़ा मस्तक अवतार है| यह अवतार एक समय में हुआ जब राक्षसों ने वेदों द्वारा प्रतिनिधित्व किये जानेवाले ज्ञान चुरा लिया। हयग्रिव राक्षसों से वेदों को बहाल करने के लिए अवतारित किया। हयग्रिव पुनर्स्थापक का प्रतिनिधित्व करता है जो अज्ञानता के झुंड से ज्ञान बहाल करता है|
हयग्रिव विष्णु का एक बहुत ही दुर्लभ घोड़ा मस्तक अवतार है| यह अवतार एक समय में हुआ जब राक्षसों ने वेदों द्वारा प्रतिनिधित्व किये जानेवाले ज्ञान चुरा लिया। हयग्रिव राक्षसों से वेदों को बहाल करने के लिए अवतारित किया। हयग्रिव पुनर्स्थापक का प्रतिनिधित्व करता है जो अज्ञानता के झुंड से ज्ञान बहाल करता है|





