Two Pandits

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    Kushmaandi Vrat

    नवरात्रि के चतुर्थ दिन, मां कूष्मांडा जी की पूजा की जाती है। यह शक्ति का चौथा स्वरूप है, जिन्हें सूर्य के समान तेजस्वी माना गया है। मां के स्वरूप की व्याख्या कुछ इस प्रकार है, देवी कुष्मांडा व उनकी आठ भुजाएं हमें कर्मयोगी जीवन अपनाकर तेज अर्जित करने की प्रेरणा देती हैं, उनकी मधुर मुस्कान […]

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    नवरात्रि के चतुर्थ दिन, मां कूष्मांडा जी की पूजा की जाती है। यह शक्ति का चौथा स्वरूप है, जिन्हें सूर्य के समान तेजस्वी माना गया है। मां के स्वरूप की व्याख्या कुछ इस प्रकार है, देवी कुष्मांडा व उनकी आठ भुजाएं हमें कर्मयोगी जीवन अपनाकर तेज अर्जित करने की प्रेरणा देती हैं, उनकी मधुर मुस्कान […]

    Lakshya Pradishana Vrat

    इष्टदेव की मूर्ति (या कहीं-कहीं देवायतन) के चारों ओर वृत्ताकार इस प्रकार घूमना जिसमें देव या मंदिर अपने दक्षिण भाग में रहे, प्रदक्षिणा कहलाता है। यह प्रदक्षिणा (नमस्कार के साथ) एक ‘उपचार’ (षोडश उपचारों में अन्यतम) माना जाता है, ऐसा बहुतों का मत है। प्रदक्षिणा के अंत में प्रणाम अवश्य करना चाहिये, बहुतों का मत […]

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    इष्टदेव की मूर्ति (या कहीं-कहीं देवायतन) के चारों ओर वृत्ताकार इस प्रकार घूमना जिसमें देव या मंदिर अपने दक्षिण भाग में रहे, प्रदक्षिणा कहलाता है। यह प्रदक्षिणा (नमस्कार के साथ) एक ‘उपचार’ (षोडश उपचारों में अन्यतम) माना जाता है, ऐसा बहुतों का मत है। प्रदक्षिणा के अंत में प्रणाम अवश्य करना चाहिये, बहुतों का मत […]

    Lakshya Pradishana Vrat

    इष्टदेव की मूर्ति (या कहीं-कहीं देवायतन) के चारों ओर वृत्ताकार इस प्रकार घूमना जिसमें देव या मंदिर अपने दक्षिण भाग में रहे, प्रदक्षिणा कहलाता है। यह प्रदक्षिणा (नमस्कार के साथ) एक ‘उपचार’ (षोडश उपचारों में अन्यतम) माना जाता है, ऐसा बहुतों का मत है। प्रदक्षिणा के अंत में प्रणाम अवश्य करना चाहिये, बहुतों का मत […]

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    इष्टदेव की मूर्ति (या कहीं-कहीं देवायतन) के चारों ओर वृत्ताकार इस प्रकार घूमना जिसमें देव या मंदिर अपने दक्षिण भाग में रहे, प्रदक्षिणा कहलाता है। यह प्रदक्षिणा (नमस्कार के साथ) एक ‘उपचार’ (षोडश उपचारों में अन्यतम) माना जाता है, ऐसा बहुतों का मत है। प्रदक्षिणा के अंत में प्रणाम अवश्य करना चाहिये, बहुतों का मत […]

    Maha Ashthami Vrat (Mahanisha / Durga Vrat)

    नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. माता के हर रूप का अलग महत्व है. इसलिए मां के हर रूप की पूजा भी विशेष तरीके से की जाती है. नवरात्रि में व्रतियों को प्रतिदिन सुबह स्नान करना चाहिए. साथ ही आपको स्वच्छता का विशेष ख्याल रखना चाहिए. […]

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    नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. माता के हर रूप का अलग महत्व है. इसलिए मां के हर रूप की पूजा भी विशेष तरीके से की जाती है. नवरात्रि में व्रतियों को प्रतिदिन सुबह स्नान करना चाहिए. साथ ही आपको स्वच्छता का विशेष ख्याल रखना चाहिए. […]

    Maha Ashthami Vrat (Mahanisha / Durga Vrat)

    नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. माता के हर रूप का अलग महत्व है. इसलिए मां के हर रूप की पूजा भी विशेष तरीके से की जाती है. नवरात्रि में व्रतियों को प्रतिदिन सुबह स्नान करना चाहिए. साथ ही आपको स्वच्छता का विशेष ख्याल रखना चाहिए. […]

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    नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. माता के हर रूप का अलग महत्व है. इसलिए मां के हर रूप की पूजा भी विशेष तरीके से की जाती है. नवरात्रि में व्रतियों को प्रतिदिन सुबह स्नान करना चाहिए. साथ ही आपको स्वच्छता का विशेष ख्याल रखना चाहिए. […]

    Malmaas Vrat

    सभी जानते हैं कि हिन्दू पंचांग के अनुसार वर्ष में कुल 12 मास होते हैं, लेकिन इनमें से एक मास ऐसा है जिसके बारे में काफी कम लोग जानते हैं। लेकिन उन्हें इसका ज्ञान जरूर हो जाता है जो किसी मंगल कार्य को करने के लिए शुभ मुहूर्त की तलाश में होते हैं। मलमास या […]

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    सभी जानते हैं कि हिन्दू पंचांग के अनुसार वर्ष में कुल 12 मास होते हैं, लेकिन इनमें से एक मास ऐसा है जिसके बारे में काफी कम लोग जानते हैं। लेकिन उन्हें इसका ज्ञान जरूर हो जाता है जो किसी मंगल कार्य को करने के लिए शुभ मुहूर्त की तलाश में होते हैं। मलमास या […]

    Malmaas Vrat

    सभी जानते हैं कि हिन्दू पंचांग के अनुसार वर्ष में कुल 12 मास होते हैं, लेकिन इनमें से एक मास ऐसा है जिसके बारे में काफी कम लोग जानते हैं। लेकिन उन्हें इसका ज्ञान जरूर हो जाता है जो किसी मंगल कार्य को करने के लिए शुभ मुहूर्त की तलाश में होते हैं। मलमास या […]

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    सभी जानते हैं कि हिन्दू पंचांग के अनुसार वर्ष में कुल 12 मास होते हैं, लेकिन इनमें से एक मास ऐसा है जिसके बारे में काफी कम लोग जानते हैं। लेकिन उन्हें इसका ज्ञान जरूर हो जाता है जो किसी मंगल कार्य को करने के लिए शुभ मुहूर्त की तलाश में होते हैं। मलमास या […]

    Mandap / Tailpujan

    लड़की के विवाह में एक महत्वपूर्ण रस्म है- स्तंभरोपण। विवाह के दिन अच्छे मुहूर्त में 21 हरे बांस लेकर मंडप बनाया जाता है। यह हरा बांस ही स्तंभ होता है। यह प्रथा प्राय: भारत के सभी हिस्सों में देखी जाती थी जो कि अब कम होती जा रही है। मंडप के दक्षिण पश्चिम कोने यानी […]

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    लड़की के विवाह में एक महत्वपूर्ण रस्म है- स्तंभरोपण। विवाह के दिन अच्छे मुहूर्त में 21 हरे बांस लेकर मंडप बनाया जाता है। यह हरा बांस ही स्तंभ होता है। यह प्रथा प्राय: भारत के सभी हिस्सों में देखी जाती थी जो कि अब कम होती जा रही है। मंडप के दक्षिण पश्चिम कोने यानी […]

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    लड़की के विवाह में एक महत्वपूर्ण रस्म है- स्तंभरोपण। विवाह के दिन अच्छे मुहूर्त में 21 हरे बांस लेकर मंडप बनाया जाता है। यह हरा बांस ही स्तंभ होता है। यह प्रथा प्राय: भारत के सभी हिस्सों में देखी जाती थी जो कि अब कम होती जा रही है। मंडप के दक्षिण पश्चिम कोने यानी […]

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