Nav Grah Yagya
Navagraha Yagya as the name suggests is performed to appease Navgrah, which decide the whole life of an individual according to their positions in the horoscope. After the end of this Yagya, there is heavenly positive energy spread all over in the environment. It makes the surroundings very positive and cheerful. Navagraha Shanti Pooja Yagya […]
Navagraha Yagya as the name suggests is performed to appease Navgrah, which decide the whole life of an individual according to their positions in the horoscope. After the end of this Yagya, there is heavenly positive energy spread all over in the environment. It makes the surroundings very positive and cheerful. Navagraha Shanti Pooja Yagya […]
Putra Kameshtha (Putra Prapti Hetu)
* हमारे ऋषि महर्षियों ने हजारो साल पहले ही संतान प्राप्ति के कुछ नियम और सयम बताये है ,संसार की उत्पत्ति पालन और विनाश का क्रम पृथ्वी पर हमेशा से चलता रहा है,और आगे भी चलता रहेगा। इस क्रम के अन्दर पहले जड चेतन का जन्म होता है,फ़िर उसका पालन होता है और समयानुसार उसका […]
* हमारे ऋषि महर्षियों ने हजारो साल पहले ही संतान प्राप्ति के कुछ नियम और सयम बताये है ,संसार की उत्पत्ति पालन और विनाश का क्रम पृथ्वी पर हमेशा से चलता रहा है,और आगे भी चलता रहेगा। इस क्रम के अन्दर पहले जड चेतन का जन्म होता है,फ़िर उसका पालन होता है और समयानुसार उसका […]
Putra Kameshtha (Putra Prapti Hetu)
* हमारे ऋषि महर्षियों ने हजारो साल पहले ही संतान प्राप्ति के कुछ नियम और सयम बताये है ,संसार की उत्पत्ति पालन और विनाश का क्रम पृथ्वी पर हमेशा से चलता रहा है,और आगे भी चलता रहेगा। इस क्रम के अन्दर पहले जड चेतन का जन्म होता है,फ़िर उसका पालन होता है और समयानुसार उसका […]
* हमारे ऋषि महर्षियों ने हजारो साल पहले ही संतान प्राप्ति के कुछ नियम और सयम बताये है ,संसार की उत्पत्ति पालन और विनाश का क्रम पृथ्वी पर हमेशा से चलता रहा है,और आगे भी चलता रहेगा। इस क्रम के अन्दर पहले जड चेतन का जन्म होता है,फ़िर उसका पालन होता है और समयानुसार उसका […]
Renuka Shabri Prayog
GODDESS SHABARI RENUKA A FORM OF GODDESS DURGA WHO RESIDES IN FORESTS AND PROTECTS ONE LIVING OR TRAVELLING ACROSS FORESTS Goddess Renuka has many forms among which shabari Renuka is the prime one. Shabari Renuka dwells in the forest with austeric dress code like sages. She is always seen in deep meditation through which she […]
GODDESS SHABARI RENUKA A FORM OF GODDESS DURGA WHO RESIDES IN FORESTS AND PROTECTS ONE LIVING OR TRAVELLING ACROSS FORESTS Goddess Renuka has many forms among which shabari Renuka is the prime one. Shabari Renuka dwells in the forest with austeric dress code like sages. She is always seen in deep meditation through which she […]
Renuka Shabri Prayog
GODDESS SHABARI RENUKA A FORM OF GODDESS DURGA WHO RESIDES IN FORESTS AND PROTECTS ONE LIVING OR TRAVELLING ACROSS FORESTS Goddess Renuka has many forms among which shabari Renuka is the prime one. Shabari Renuka dwells in the forest with austeric dress code like sages. She is always seen in deep meditation through which she […]
GODDESS SHABARI RENUKA A FORM OF GODDESS DURGA WHO RESIDES IN FORESTS AND PROTECTS ONE LIVING OR TRAVELLING ACROSS FORESTS Goddess Renuka has many forms among which shabari Renuka is the prime one. Shabari Renuka dwells in the forest with austeric dress code like sages. She is always seen in deep meditation through which she […]
Shodashi Prayog (Abhishtha Vyakti Vishesh)
षोडशी माहेश्वरी शक्ति की सबसे मनोहर श्रीविग्रहवाली सिद्ध देवी हैं. महाविद्याओं में इनका चौथा स्थान है। सोलह अक्षरों के मन्त्रवाली इन देवी की अंगकान्ति उदीयमान सूर्यमण्डल की आभा की भाँति है। इनकी चार भुजाएँ और तीन नेत्र है। ये शान्त मुद्रा में लेटे हुए सदाशिव पर स्थित कमल के आसन पर आसीन है। इनके चारों […]
षोडशी माहेश्वरी शक्ति की सबसे मनोहर श्रीविग्रहवाली सिद्ध देवी हैं. महाविद्याओं में इनका चौथा स्थान है। सोलह अक्षरों के मन्त्रवाली इन देवी की अंगकान्ति उदीयमान सूर्यमण्डल की आभा की भाँति है। इनकी चार भुजाएँ और तीन नेत्र है। ये शान्त मुद्रा में लेटे हुए सदाशिव पर स्थित कमल के आसन पर आसीन है। इनके चारों […]
Shodashi Prayog (Abhishtha Vyakti Vishesh)
षोडशी माहेश्वरी शक्ति की सबसे मनोहर श्रीविग्रहवाली सिद्ध देवी हैं. महाविद्याओं में इनका चौथा स्थान है। सोलह अक्षरों के मन्त्रवाली इन देवी की अंगकान्ति उदीयमान सूर्यमण्डल की आभा की भाँति है। इनकी चार भुजाएँ और तीन नेत्र है। ये शान्त मुद्रा में लेटे हुए सदाशिव पर स्थित कमल के आसन पर आसीन है। इनके चारों […]
षोडशी माहेश्वरी शक्ति की सबसे मनोहर श्रीविग्रहवाली सिद्ध देवी हैं. महाविद्याओं में इनका चौथा स्थान है। सोलह अक्षरों के मन्त्रवाली इन देवी की अंगकान्ति उदीयमान सूर्यमण्डल की आभा की भाँति है। इनकी चार भुजाएँ और तीन नेत्र है। ये शान्त मुद्रा में लेटे हुए सदाशिव पर स्थित कमल के आसन पर आसीन है। इनके चारों […]
Shri Ram Yagya
यज्ञ, योग की विधि है जो परमात्मा द्वारा ही हृदय में सम्पन्न होती है। जीव के अपने सत्य परिचय जो परमात्मा का अभिन्न ज्ञान और अनुभव है, यज्ञ की पूर्णता है। यह शुद्ध होने की क्रिया है। इसका संबंध अग्नि से प्रतीक रूप में किया जाता है। यज्ञ का अर्थ जबकि योग है किन्तु इसकी […]
यज्ञ, योग की विधि है जो परमात्मा द्वारा ही हृदय में सम्पन्न होती है। जीव के अपने सत्य परिचय जो परमात्मा का अभिन्न ज्ञान और अनुभव है, यज्ञ की पूर्णता है। यह शुद्ध होने की क्रिया है। इसका संबंध अग्नि से प्रतीक रूप में किया जाता है। यज्ञ का अर्थ जबकि योग है किन्तु इसकी […]
Shri Ram Yagya
यज्ञ, योग की विधि है जो परमात्मा द्वारा ही हृदय में सम्पन्न होती है। जीव के अपने सत्य परिचय जो परमात्मा का अभिन्न ज्ञान और अनुभव है, यज्ञ की पूर्णता है। यह शुद्ध होने की क्रिया है। इसका संबंध अग्नि से प्रतीक रूप में किया जाता है। यज्ञ का अर्थ जबकि योग है किन्तु इसकी […]
यज्ञ, योग की विधि है जो परमात्मा द्वारा ही हृदय में सम्पन्न होती है। जीव के अपने सत्य परिचय जो परमात्मा का अभिन्न ज्ञान और अनुभव है, यज्ञ की पूर्णता है। यह शुद्ध होने की क्रिया है। इसका संबंध अग्नि से प्रतीक रूप में किया जाता है। यज्ञ का अर्थ जबकि योग है किन्तु इसकी […]





