Annaprashana
जब शिशु के दाँत उगने लगे, मानना चाहिए कि प्रकृति ने उसे ठोस आहार, अन्नाहार करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। स्थूल (अन्नमयकोष) के विकास के लिए तो अन्न के विज्ञान सम्मत उपयोग का ज्ञान जरूरी है यह सभी जानते हैं। सूक्ष्म विज्ञान के अनुसार अन्न के संस्कार का प्रभाव व्यक्ति के मानस पर […]
जब शिशु के दाँत उगने लगे, मानना चाहिए कि प्रकृति ने उसे ठोस आहार, अन्नाहार करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। स्थूल (अन्नमयकोष) के विकास के लिए तो अन्न के विज्ञान सम्मत उपयोग का ज्ञान जरूरी है यह सभी जानते हैं। सूक्ष्म विज्ञान के अनुसार अन्न के संस्कार का प्रभाव व्यक्ति के मानस पर […]
Annkoot Vrat
दीपावली के अगले दिन कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रथमा को अन्नकूट का त्यौहार मनाया जाता है। पौराणिक कथानुसार यह पर्व द्वापर युग में आरम्भ हुआ था क्योंकि इसी दिन भगवान श्री कृष्ण ने गोवर्धन और गायों के पूजा के निमित्त पके हुए अन्न भोग में लगाए थे, इसलिए इस दिन का नाम अन्नकूट पड़ा, कई जगह […]
दीपावली के अगले दिन कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रथमा को अन्नकूट का त्यौहार मनाया जाता है। पौराणिक कथानुसार यह पर्व द्वापर युग में आरम्भ हुआ था क्योंकि इसी दिन भगवान श्री कृष्ण ने गोवर्धन और गायों के पूजा के निमित्त पके हुए अन्न भोग में लगाए थे, इसलिए इस दिन का नाम अन्नकूट पड़ा, कई जगह […]
Annkoot Vrat
दीपावली के अगले दिन कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रथमा को अन्नकूट का त्यौहार मनाया जाता है। पौराणिक कथानुसार यह पर्व द्वापर युग में आरम्भ हुआ था क्योंकि इसी दिन भगवान श्री कृष्ण ने गोवर्धन और गायों के पूजा के निमित्त पके हुए अन्न भोग में लगाए थे, इसलिए इस दिन का नाम अन्नकूट पड़ा, कई जगह […]
दीपावली के अगले दिन कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रथमा को अन्नकूट का त्यौहार मनाया जाता है। पौराणिक कथानुसार यह पर्व द्वापर युग में आरम्भ हुआ था क्योंकि इसी दिन भगवान श्री कृष्ण ने गोवर्धन और गायों के पूजा के निमित्त पके हुए अन्न भोग में लगाए थे, इसलिए इस दिन का नाम अन्नकूट पड़ा, कई जगह […]
Baalak Hetu Drashti Dosh Parihaar (Nazar Ke Liye Puja)
विवाहित स्त्री चाहती हैं कि उसका भी कोई अपना हो जो उसे मां कहकर पुकारे। सामान्यत: अधिकांश महिलाएं भाग्यशाली होती हैं, जिन्हें यह सुख प्राप्त हो जाता है, फिर भी काफी महिलाएं ऐसी हैं, जो मां बनने के सुख से वंचित हैं। यदि पति-पत्नी दोनों ही स्वास्थ्य की दृष्टि से उत्तम हैं, फिर भी उनके […]
विवाहित स्त्री चाहती हैं कि उसका भी कोई अपना हो जो उसे मां कहकर पुकारे। सामान्यत: अधिकांश महिलाएं भाग्यशाली होती हैं, जिन्हें यह सुख प्राप्त हो जाता है, फिर भी काफी महिलाएं ऐसी हैं, जो मां बनने के सुख से वंचित हैं। यदि पति-पत्नी दोनों ही स्वास्थ्य की दृष्टि से उत्तम हैं, फिर भी उनके […]
Baalak Hetu Drashti Dosh Parihaar (Nazar Ke Liye Puja)
विवाहित स्त्री चाहती हैं कि उसका भी कोई अपना हो जो उसे मां कहकर पुकारे। सामान्यत: अधिकांश महिलाएं भाग्यशाली होती हैं, जिन्हें यह सुख प्राप्त हो जाता है, फिर भी काफी महिलाएं ऐसी हैं, जो मां बनने के सुख से वंचित हैं। यदि पति-पत्नी दोनों ही स्वास्थ्य की दृष्टि से उत्तम हैं, फिर भी उनके […]
विवाहित स्त्री चाहती हैं कि उसका भी कोई अपना हो जो उसे मां कहकर पुकारे। सामान्यत: अधिकांश महिलाएं भाग्यशाली होती हैं, जिन्हें यह सुख प्राप्त हो जाता है, फिर भी काफी महिलाएं ऐसी हैं, जो मां बनने के सुख से वंचित हैं। यदि पति-पत्नी दोनों ही स्वास्थ्य की दृष्टि से उत्तम हैं, फिर भी उनके […]
Baalak Ka Rona Band Karne Hetu Puja (Baal Rog Parihaar)
Baal Rog Parihaar का आर्ष व आद्य ग्रन्थ है। इसे ‘वृद्धजीवकीयतन्त्र’ भी कहा जाता है। महर्षि कश्यप ने कौमारभृत्य को आयुर्वेद के आठ अंगों में प्रथम स्थान दिया है। इसकी रचना ईसापूर्व ६ठी शताब्दी में हुई थी। मध्ययुग में इसका चीनी भाषा में अनुवाद हुआ। कश्यप संहिता आयुर्वेद की अत्यन्त प्राचीन संहिता है और सभी […]
Baal Rog Parihaar का आर्ष व आद्य ग्रन्थ है। इसे ‘वृद्धजीवकीयतन्त्र’ भी कहा जाता है। महर्षि कश्यप ने कौमारभृत्य को आयुर्वेद के आठ अंगों में प्रथम स्थान दिया है। इसकी रचना ईसापूर्व ६ठी शताब्दी में हुई थी। मध्ययुग में इसका चीनी भाषा में अनुवाद हुआ। कश्यप संहिता आयुर्वेद की अत्यन्त प्राचीन संहिता है और सभी […]
Baalak Ka Rona Band Karne Hetu Puja (Baal Rog Parihaar)
Baal Rog Parihaar का आर्ष व आद्य ग्रन्थ है। इसे ‘वृद्धजीवकीयतन्त्र’ भी कहा जाता है। महर्षि कश्यप ने कौमारभृत्य को आयुर्वेद के आठ अंगों में प्रथम स्थान दिया है। इसकी रचना ईसापूर्व ६ठी शताब्दी में हुई थी। मध्ययुग में इसका चीनी भाषा में अनुवाद हुआ। कश्यप संहिता आयुर्वेद की अत्यन्त प्राचीन संहिता है और सभी […]
Baal Rog Parihaar का आर्ष व आद्य ग्रन्थ है। इसे ‘वृद्धजीवकीयतन्त्र’ भी कहा जाता है। महर्षि कश्यप ने कौमारभृत्य को आयुर्वेद के आठ अंगों में प्रथम स्थान दिया है। इसकी रचना ईसापूर्व ६ठी शताब्दी में हुई थी। मध्ययुग में इसका चीनी भाषा में अनुवाद हुआ। कश्यप संहिता आयुर्वेद की अत्यन्त प्राचीन संहिता है और सभी […]
Baglaarchana
Baglamukhi or Bagala (Devnagari: बगलामुखी) is one of the ten Devi mahavidyas (great wisdom/science) in Hinduism. Devi Bagalamukhi smashes the devotee’s misconceptions and delusions (or the devotee’s enemies) with her cudgel. The word Bagala is derived from the word Valga (meaning – bridle or to rein in) which, became Vagla and then Bagla. The Devi […]
Baglamukhi or Bagala (Devnagari: बगलामुखी) is one of the ten Devi mahavidyas (great wisdom/science) in Hinduism. Devi Bagalamukhi smashes the devotee’s misconceptions and delusions (or the devotee’s enemies) with her cudgel. The word Bagala is derived from the word Valga (meaning – bridle or to rein in) which, became Vagla and then Bagla. The Devi […]
Baglaarchana
Baglamukhi or Bagala (Devnagari: बगलामुखी) is one of the ten Devi mahavidyas (great wisdom/science) in Hinduism. Devi Bagalamukhi smashes the devotee’s misconceptions and delusions (or the devotee’s enemies) with her cudgel. The word Bagala is derived from the word Valga (meaning – bridle or to rein in) which, became Vagla and then Bagla. The Devi […]
Baglamukhi or Bagala (Devnagari: बगलामुखी) is one of the ten Devi mahavidyas (great wisdom/science) in Hinduism. Devi Bagalamukhi smashes the devotee’s misconceptions and delusions (or the devotee’s enemies) with her cudgel. The word Bagala is derived from the word Valga (meaning – bridle or to rein in) which, became Vagla and then Bagla. The Devi […]





